“मातृशक्ती दुर्गा का रूप है”:- शुभांगी मेंढे

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गोंदिया : धनराज भगत

महिला माता है, सृष्टी की निर्माता है, माता याने अपना मत देने वाली है, हम मां के रूप में घर के काम करते है, मातृशक्ती दुर्गा का रूप है, एक महिला शक्ती के साथ आज हम सक्षम है। महिला सक्षमीकरण कर अच्छे व्यक्तित्व वाली बने । उवत आशय के विचार सांसद सुनील मेंढे की पत्नी शुंभांगी मेंढे ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष में राष्ट्रीय कृषि व ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) तथा श्री गणेश ग्रामीण विकास संस्था गोंदिया के संयुक्त तत्वावधान में बम्लेश्वरी कालोनी स्थित जायसवाल हाल में आयोजित महिला सम्मेलन को मार्गदर्शन करते हुए व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नाबार्ड के प्रबंधक अविनाश लाड ने की। जबकि प्रमुख अतिथि के रूप में सहा. धर्मदाय आयुक्त श्रीमती सीमा पजई, टेक्सटाईल असोसिएशन नामपुर के हेमंत सोनारे, सामाजिक कार्यकर्ता डा.सविता बेदरकर, बाहेकार नर्सिंग की प्रा.प्रिया वर्मा, कार्यकारी अभियंता शिखा पिपलेवार प.स.सदस्य स्नेहा गौतम, अ‍ॅड.विकास साठे, सरपंच मिलन रामटेककर व श्री गणेश ग्रामीण विकास शिक्षण संस्था के सचिव विजय बहेकार आदि उपस्थित थे।
श्रीमती मेंढे ने आगे कहा कि ७५ वर्ष पूर्व आजादी मिली है, आजादी अग्रेजों से मिली। लेकिन अंग्रेजी से नहीं मिली। भाषा में परिवर्तन हुआ है, मां की जगह मम्मी का प्रयोग हो गया। प्रस्तावना रखते हुए संख्या सचिव विजय बहेकार ने कहा कि महिलाओं को अधिकार दिलाने के लिए हम प्रयासरत है। श्री गणेश ग्रामीण विकास शिक्षण संस्था के माध्यम से महिलाओं के लिए अनेक उपक्रम शुरू किए गए है। प.स.सदस्य स्नेहा गौतम ने कहा कि महिलाओं ने २४ घंटे काम करना चाहिए। महिला बिना वेतन काम करने वाली है। कोरोना काल में महिलाओं ने बेहतर कार्य किया। वहीं टेक्सटाईल असो. के हेमंत सोनारे ने अपने संबोधन में कहा कि एक दिन महिला का ३६४ दिन पुरुषों के ऐसा नहीं है। विश्व में बराबर के अवसर है। ५० प्र.श हिस्सा महिलाओं का है। महिलाओं को खुद की ताकत को पहचानना जरूरी है। अपना अस्तित्व निर्माण करने के लिए कुछ नया करना जरूरी है। सहा.धर्मदाय आयुक्त सीमा पजई ने अनाथो की मां सिंधु सपकाल का उदाहरण देकर महिलाओं का मार्गदर्शन किया। इसी तरह सामाजिक कार्यकर्ता डा.सविता बेदरकर, एड.विकास साठे, कार्यकारी अभियंता शिखा पिपलेवार ने भी अपने विचार रखे। नाबार्ड के प्रबंधक अविनाश लाडने कहा कि शासन की नीति है कि महिलाओं के हाथ में पैसे आये। नाबार्ड महिलाओं के लिए विभिन्न प्रकार की ट्रेनिंग दे रहा है। जिससे महिलाएं अपने स्वंय के प्राडक्ट निर्माण कर सकेगी। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के हस्ते महापुरुषों के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर की गई। फूलचूर महिला बचत गट की सदस्यों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया । इसी तरह गणेश वंदना व बहेकार नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित महिलाओं का मन मोह लिया।
इस अवसर पर महिला शुभागी मेंढे, डा.बेदरकर, सीमा पजई व शिखा पिपलेवार का शाल, श्रीफल व पुष्पगुच्छ देकर सत्कार किया गया। संचालन ज्योती कोटांगले ने व आभार सेवा सहकारी संघ के अध्यक्ष सुभानराव रहांगडाले ने माना । सफलतार्थ रेखा बानेवार, डिलेश्वरी बघेले, बिना रहांगडाले, जोती पटले, रेखा बोपचे, मनिषा कटरे, संगीता हिरापुरे, देवागंन नेवारे, मिनाक्षी भुजाडे, शेवंता अंबुले आदि ने परिश्रम किया।