५१०० गोबर के उपलों के ऊपर भक्त प्रल्हाद को गोद में लेकर विराजित होगी होलिका

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 #आमगांव में आयोजित किया जा रहा अनूठा होलिका दहन

गोंदिया / धनराज भगत

होली के दिन आम तौर पर लकडियों अथवा गोबर के उपलों से होली सजाकर उसका दहन किया जाता है। लेकिन इस वर्ष आमगांव में अजय खेतान मित्र परिवार ने अनूठे प्रकार से होलिका दहन उत्सव मनाने का आयोजन किया है। स्थानीय गांधी चौक पर २४ मार्च रविवार की रात ५१०० गोबर के उपलों से होली सजाई जाएगी एवं उसके ऊपर शुद्ध गोबर से बनी अत्यंत आकर्षक साज श्रृंगार के साथ होलिका की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। जिसकी गोद में भक्त प्रल्हाद विराजमान होंगे एवं रात ११.१५ बजे पं. भीम गौतम एवं अनिल गौतम होलिका दहन क्यो किया जाता है, इसके विषय में उपस्थितों को विस्तार से शास्त्रोक्त जानकारी देंगे एवं इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारों के बीच होलिका दहन किया जाएगा। जिससे गोबर से निर्मित होलिका की प्रतिमा का दहन तो होगा लेकिन भक्त प्रल्हाद की प्रतिमा सुरक्षित बाहर निकल आएगी।
आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष जंगल बचाओ-पर्यावरण बचाओं का संदेश देने के लिए केवल गोबर के उपलों से निर्मित होली एवं होलिका का दहन किया जाएगा। जिले के इतिहास में यह अपने तरह का पहला उपक्रम होने की जानकारी संयोजक अजय खेतान एवं संतोष दुबे ने दी। उन्होंने कहा कि होली की पवित्रता भी बरकरार रहे और वन संरक्षण का संदेश भी नागरिकों तक पहुंचे। इस दृष्टि से उपलों से होली जलाने का निर्णय मंडल के सदस्यों ने लिया है। यदि सभी मंडल भविष्य में इस तरह का प्रयास करें तो इससे समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया जा सकेगा एवं हिंदु धर्म तथा सनातन संस्कृति के प्रति युवा पिढी में जागरण भी होगा। इससे जहां सैकडों क्विंटल लकडियों की बचत होगी। वहीं वायु प्रदुषण भी नहीं होगा।