“पोवारी भाषा संवर्धन ” नामक शोध ग्रंथ अब विश्व के विभिन्न भाषी लोगों को साझा किया जायेगा ! – इतिहासकार प्राचार्य ओ सी पटले

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पोवारी भाषाई क्रांति 2018 में सफ़ल हुई। क्रांति के प्रत्यक्ष अनुभव से भाषा संवर्धन एवं समाजोत्थान के नये ज्ञान का भरपूर मात्रा में सर्जन हुआ, जो विभिन्न भाषाई लोगों के लिए उपयुक्त है। इस ग्रंथ में संचित ज्ञान विभिन्न भाषाई लोगों को कैसे बांटा जाए ? पोवारी भाषा में निर्मित इस ज्ञान का उपयोग विभिन्न भाषा के लोगों को हो सकें इस उद्देश्य से उसे सभी तक कैसे पहुंचाया जाएं? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न पोवार समाज के प्रबुद्ध वर्ग के सामने उपस्थित था। लेकिन अब इतिहासकार प्राचार्य ओ सी पटले द्वारा रचित” पोवारी भाषा संवर्धन: मौलिक सिद्धांत और व्यवहार” नामक ‌शोध ग्रन्थ “भारतवाणी” नामक पोर्टल के माध्यम से सभी भाषा के लोगों को पढ़ने के लिए उपलब्ध कराया गया है।
भारत में ज्ञान का निर्माण एवं उसे बांटने की पुरानी परंपरा है,जो मानव जाति के कल्याण के लिए है। लेकिन विगत वर्षों में विदेशी सभ्यता के प्रभाव के कारण यह परंपरा खंडित हो गई थी। वर्तमान डिजिटल युग में ‌, विभिन्न भारतीय भाषाओं में निर्मित हुआ ज्ञान मानव जाति के कल्याण के लिए सभी को साझा करने के उद्देश्य से “भारतवाणी” नामक एक पोर्टल ( वेबसाइट) की शुरुआत की गई। यह मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत-सरकार का एक प्रकल्प (Project)है। इसका कार्यालय द्वारा “भारत वाणी” नामक एक प्रकल्प की शुरुआत की गई है । भारतीय भाषा संस्थान (CIIL), मैसूर, इसका एक कार्यालय है।
भारत वाणी परियोजना का शुभारंभ 25 मई 2016 को लखनऊ से किया गया था। भारतीय ज्ञान के संरक्षण -संवर्धन के लिए भारत सरकार की यह एक अनूठी पहल है। इसका उद्देश्य विभिन्न भाषा के लोगों को एकजुट करना और विभिन्न भाषाओं में निर्मित ज्ञान का आदान-प्रदान करना है। भारत सरकार के इस प्रकल्प के माध्यम से पोवारी भाषा में निर्मित ज्ञान संपूर्ण विश्व और विशेषकर भारत के सभी भाषा के लोगों को साझा किया जा सकता है,यह जानकारी अवगत होते ही श्री ऋषि बिसेन (IRS) , नागपुर इनके द्वारा सार्थक प्रयास किया गया। परिणामस्वरुप भारतीय भाषा संस्थान (ICIIL)मैसूर द्वारा, कल रामनवमी बुध. 17/4/2024 को भारतवाणी नामक पोर्टल पर “पोवारी भाषा संवर्धन मौलिक सिद्धांत व व्यवहार ” नामक शोध ग्रंथ प्रकाशित किया गया। इससे पोवार समाज में सर्वत्र हर्ष का माहौल है और इस कार्य के लिए समाज द्वारा ऋषि बिसेन जी की सराहना की जा रही है। तथा भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर के प्रति अति धन्यवाद सहित आभार व्यक्त किया जा रहा है।
– पोवारी भाषाई चेतना एवं सामूहिक क्रांति अभियान, भारतवर्ष.
गुरु.18/4/2024.