

संघर्ष, आत्मविश्वास और मेहनत की मिसाल; पवार समाज और बोपचे परिवार के लिए गौरव का क्षण
बालाघाट/धारापुरी(१ अगस्त) : धारापुरी गांव के निवासी और किसानपुत्र हरीश पटेल बोपचे ने अपने संघर्ष, संकल्प, और अटूट मेहनत के बलबूते पर बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में असिस्टेंट मैनेजर (Scale-1 Officer) पद के लिए चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि सम्पूर्ण धारापुरी गांव और पवार समाज का नाम रोशन किया है।
हरीश का जन्म मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के छोटे से गांव धारापुरी में हुआ, जो हट्टा के समीप और जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है। वे होलिराम बोपचे व श्रीमती गीता बोपचे के पुत्र हैं। पिता एक परिश्रमी किसान हैं, तो माँ एक समर्पित गृहिणी। उनके दादाजी फगलाल बोपचे, जो स्वयं एक सरकारी कर्मचारी रह चुके हैं, हरीश के जीवन में अनुशासन, सादगी और ईमानदारी के प्रेरणा स्रोत रहे हैं।
हरीश ने बी.एससी. (गणित) की पढ़ाई के साथ NCC का ‘C’ सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया। उनका प्रारंभिक सपना भारतीय सेना में अधिकारी बनने का था, और इसके लिए उन्होंने कई बार इंटरव्यू तक पहुँचकर अपनी काबिलियत दिखाई। हालांकि अंतिम चयन न हो पाने के कारण उन्होंने अपने करियर को नई दिशा दी।
बाद में एमबीए करने के उपरांत उन्होंने HDFC बैंक में निजी क्षेत्र में कार्य किया। मगर उन्हें जल्द ही यह एहसास हुआ कि उनकी असली मंज़िल सरकारी सेवा है। इसके बाद उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में खुद को समर्पित किया और अंततः सफलता हासिल की।
हरीश को देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों — IIM अमृतसर, IIM बैंगलोर और IIM अहमदाबाद — में कार्य करने का अवसर भी प्राप्त हुआ, जहाँ उन्होंने नेतृत्व, नीति और प्रबंधन की गहरी समझ विकसित की। वर्ष 2018 में उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिलने का सौभाग्य भी प्राप्त हुआ, जो उनके जीवन का सबसे प्रेरणादायी क्षण बना और जिसने उनके भीतर देश सेवा की भावना को और भी मजबूत किया।
लगातार अनुशासन, धैर्य और निरंतर मेहनत के परिणामस्वरूप हरीश का चयन राष्ट्रीयकृत बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में असिस्टेंट मैनेजर पद पर हुआ है। वे शीघ्र ही अपनी जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी कर कार्यभार ग्रहण करेंगे।
हरीश का स्पष्ट मानना है —
“कभी भी खुद की तुलना दूसरों से न करें, अपने लक्ष्य खुद तय करें, पूरे समर्पण के साथ मेहनत करें, और सबसे जरूरी बात — खुद से प्यार करें और खुश रहें।”
वे अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादाजी श्री फगलाल बोपचे, समस्त बोपचे परिवार, और शिक्षकों को देते हैं, जिनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन ने उन्हें हर चुनौती में आगे बढ़ने का संबल दिया।
यह उपलब्धि केवल हरीश बोपचे की नहीं, बल्कि धारापुरी गांव, बोपचे परिवार, और सम्पूर्ण पवार समाज के लिए प्रेरणा का प्रतीक है कि मेहनत, लगन और समर्पण से किसी भी ऊँचाई को छूना संभव है।






