राम जानकी :आमरा आराध्य,आमरा पूर्वज ,आमरा आदर्श

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बिहया को गीतों मा राम,जानकी, राजा जनक, राजा दशरथ, रानी रनिवास, राजकुंवर, आदि शब्द को अस्तित्व प्रमाणित कर देसे कि राम को रंग मा पोवारी भाषा रंगी से.राम को बिना पोवारी संस्कृति की कल्पना असंभव से.
राम,जानकी, सनातन हिन्दू धर्म, हिन्दू जीवन दर्शन येवच पोवारी संस्कृति व समाज को सार सर्वस्व से. राम जानकी आमरा प्रथम आराध्य ,राम जानकी आमरा पूर्वज, राम जानकी आमरा आदर्श, राम जानकी आमरो संस्कृति की प्राणशक्ति, राम जानकी आमरो समाज की प्राणशक्ति आय. राम पोवार समुदाय की आत्मा आय.राम समाज ला एक विचारों मा जोड़ने वालों परम् पावन तत्व आय.
रामायण पोवार समाज को परम् वंदनीय ग्रंथ आय.रामायण पाठ समाज मा सदियों पासून प्रचलित से.रामायण पोवारी संस्कृति को परम् पावन तत्व आय.पोवार राममंदिर व हनुमान मंदिर या पोवार बहुल गांवों की सदियों पासून एक प्रमुख विशेषता से.
समाज की आत्मा को पुनर्जागरण की वर्तमान पावन बेला मा पोवारी संस्कृति को केंद्रबिंदु राम जानकी सेत,येकी जाणीव जागृति समाज मा करावनो व युवाशक्ति मा नव-चेतना को संचार करनो आमरो पावन कर्तव्य से.
नवी पीढ़ी ला आराध्य श्रीराम व मातृभाषा पोवारी केंद्रीत कार्यक्रमों को माध्यम लक पोवारी संस्कृति,संस्कार , पहचान, इतिहास व जड़ों ‌सीन जोड़नो संभव होये.

-ओ सी पटले
प्रणेता : पोवारी भाषिक, सामाजिक, वैचारिक क्रांति अभियान, भारतवर्ष.
शुक्रवार,7/11/2025.
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