मातृभाषा पोवारी ला संकरित भाषा संबोधित करनो अपमानजनक ! – इतिहासकार ओ सी पटले

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1.समस्या कथन
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मातृभाषा पोवारी को स्वतंत्र अस्तित्व व नाव से.‌ सदियों पासून पोवार समाज द्वारा बोलीं जाने वालीं भाषा से.असो स्थिति मा आमरी मातृभाषा या स्वतंत्र भाषा नोहोय बल्कि या राजपुतानी, बुंदेली, बघेली, मराठी, आदि अनेक भाषाओं लक बनी मिश्रित बोली आय असों प्रचार- प्रसार करनो गलत, वेदना दायक व आमरी नवीं पीढ़ी मा मातृभाषा को प्रति प्रेम, अस्मिता, स्वाभिमान व भाषिक चेतना जगावन को मार्ग मा व्यवधान से.
2. पोवारी भाषा संबंधी एक दृष्टिकोण
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मातृभाषा पोवारी मा अन्य भाषाओं का शब्द अवश्य आया सेत. तसोच पोवारी का शब्द अन्य भाषाओं मा भी गया सेता.अत: स्वजनों ला निवेदन से कि आपली विद्वत्ता को प्रदर्शन करन साती पोवारी भाषा मा कौन-कौन सी भाषाओं का शब्द आया सेत, येको प्रचार- प्रसार मा तुम्हीं आपली जेवढ़ी शक्ति खर्च कर् सेव,वा न करता मातृभाषा को प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनायके पोवारी भाषा का कौन-कौन सा शब्द अन्य‌ कौन- कौन सी भाषा मा सम्प्रेषित भया सेत येकी खोज करनो मा ख़र्च करों.
यदि तुम्हाला मातृभाषा को शास्त्रीय अध्ययन करनो से त् देवभाषा संस्कृत का कौन-कौनसा शब्द पोवारी भाषा मा आया सेत येको अध्ययन करों व पोवारी भाषा की शुद्धता बचावनो से त् उर्दू भाषा को शब्दों को अवश्य परहेज करों.असो‌ करनो मातृभाषा पोवारी को संवर्धन साती लाभदायक साबित होये.
3. मातृभाषा को दुष्प्रचार हानिकारक
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येव समय मातृभाषा पोवारी को संवर्धन को‌
चल रहीं से. असों शुभ पर्व पर मातृभाषा को प्रति अनास्था,अनिष्ठा व अश्रद्धा का बीज बोवन को कार्य ना करों, असी विनम्र प्रार्थना से.
भारत ला स्वतंत्रता प्राप्ति को पश्चात सुशिक्षित वर्ग न् मातृभाषा पोवारी को संबंध मा हेंगली अथवा गांवरानी से असो दुष्प्रचार करीन व मातृभाषा ‌को अतोनात नुकसान करीन. आता विशेष प्रयत्नों लक या गलत फहमी दूर भयी त् असों सुखद स्थिति मा मातृभाषा पोवारी मिश्रित व संकरित भाषा से असों दुष्प्रचार करनो अनुचित से.
4.निष्कर्ष व सुझाव
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आपली शक्ति भाषा संवर्धन मा न लगावता अन्य विषयों मा खर्च करनो येव मातृभाषा संवर्धन को कार्य मा लीन साहित्यिकों , कलाकारों व युवाओं को विचारों मा सिर्फ बिखराव उत्पन्न करें. आओ ! प्रिय स्वजनों ! आम्हीं सब जन मातृभाषा को उज्ज्वल भविष्य साकारन को दृढ़ संकल्प लेयके भाषा संवर्धन पर आपली पूर्ण शक्ति केंद्रित करबीन !

-ओ सी पटले
अध्यक्ष : भवभूति रिसर्च अकॅडमि, आमगांव.
रजि.क्र.महा.एफ.515 / 2011 गों, महाराष्ट्र.
बुधवार,5/11/2025.
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