

आमगांव : आधुनिकता की दौड़ में मानव और प्रकृति के बीच धूमिल होते आध्यात्मिक संबंध को पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के “संरक्षण” प्रकल्प के अंतर्गत आमगांव में एक अभूतपूर्व स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान संपन्न हुआ।
संस्थान का यह प्रकल्प केवल कूड़ा हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस मूल सिद्धांत पर आधारित है कि जब तक मनुष्य प्रकृति को केवल उपभोग की वस्तु मानता रहेगा, पर्यावरणीय संकट बने रहेंगे। इसलिए, प्रकृति से आध्यात्मिक जुड़ाव को पुनः जागृत करना ही स्थायी पर्यावरण संरक्षण का एकमात्र मार्ग है।
नागपुर से विशेष रूप से पधारीं साध्वी पुष्पा भारती दीदी के ओजस्वी मार्गदर्शन में, संस्थान के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने काली माता मंदिर परिसर और नगर परिषद परिसर में श्रमदान किया।
साध्वी पुष्पा भारती दीदी ने संदेश दिया: “प्रकृति की सेवा करना हमारा सामाजिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक कर्तव्य भी है। जब हम स्वयं को प्रकृति का अभिन्न अंग मानकर उसकी सेवा करते हैं, तभी ‘संरक्षण’ का हमारा संकल्प पूर्ण होता है। यह स्वच्छता अभियान उसी मानव-प्रकृति संबंध को पुनर्जीवित करने की एक छोटी सी पहल है।”
स्वयंसेवकों ने बड़े ही उत्साह और समर्पण के साथ सफाई का कार्य किया, जिससे दोनों ही परिसर की आभा निखर उठी। इस अभियान में सभी भाई-बहनों ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व को निभाते हुए, यह सिद्ध किया कि यदि हम संकल्प लें, तो पर्यावरण की सुरक्षा करना असंभव नहीं है।
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का ‘संरक्षण’ प्रकल्प दशकों से पर्यावरण के प्रति लोगों की उदासीनता को दूर करने के लिए कार्य कर रहा है। यह अभियान आमगांव के नागरिकों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गया है, जो उन्हें चिरस्थाई जीवनशैली अपनाने और प्रकृति को माँ के रूप में सम्मान देने के लिए प्रेरित करता है।






